धमतरी युवा फेस्ट में सौरभ द्विवेदी का प्रेरक संबोधन, युवाओं में जोश

Mon 27-Apr-2026,12:00 PM IST +05:30

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धमतरी युवा फेस्ट में सौरभ द्विवेदी का प्रेरक संबोधन, युवाओं में जोश Saurabh-Dwivedi-Dhamtari-Youth-Fest-Speech
  • धमतरी युवा फेस्ट में सौरभ द्विवेदी का प्रेरक संबोधन, युवाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी पर जागरूक किया।

  • “छत्तीसगढ़ महतारी” को महिलाओं से जोड़ते हुए समाज में सम्मान, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया।

Chhattisgarh / Dhamtari :

Dhamtari/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आयोजित युवा फेस्ट का समापन समारोह उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। इस खास मौके पर वरिष्ठ पत्रकार Saurabh Dwivedi ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे अहम विषयों पर विस्तार से बात की। उनके प्रेरक विचारों ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के भीतर नई ऊर्जा का संचार किया, जिसका असर पूरे पंडाल में तालियों और उत्साह के रूप में देखने को मिला।

अपने संबोधन की शुरुआत सादगी और विनम्रता के साथ करते हुए सौरभ द्विवेदी ने कहा कि कार्यक्रम की असली ताकत यहां मौजूद युवा हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव बताया।

उन्होंने अपने निजी अनुभवों को साझा करते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले सिगरेट छोड़ दी और अब एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाई है। इसके साथ ही उन्होंने दहेज प्रथा का विरोध करते हुए कहा कि यह समाज के लिए एक गंभीर कुरीति है, जिसे समाप्त करना बेहद जरूरी है।

अपने संबोधन में उन्होंने “छत्तीसगढ़ महतारी” की एक नई व्याख्या भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि घर की महिलाएं ही इसका वास्तविक स्वरूप हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और रोजगार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव की अपील की।

सौरभ द्विवेदी ने सुंदरता के पारंपरिक मानकों को भी चुनौती दी और कहा कि असली सुंदरता व्यक्ति के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और मेहनत में होती है।

युवाओं को खास संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए, दूसरों से तुलना करना छोड़ना चाहिए और समय का सही उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने अधूरी इंटरनेट जानकारी पर भरोसा न करने और व्यावहारिक अनुभव को प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में हर व्यक्ति की अपनी खास जगह होती है, इसलिए खुद का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।